उत्क्रमित मध्य विद्यालय रामनगर गोपालगंज में हो रहा नवाचार।

विद्यालय के प्रधानाध्यापक अंजनी कुमार सिंह के द्वारा लगातार कराया जा रहा है शिक्षा में नवाचार।

 

शिक्षक चौपाल सम्वाद प्रतिनिधि अंगद कुमार जायसवाल ने हाल ही में इस विद्यालय का दौरा किया। उन्होंने विद्यालय की शैक्षणिक क्रिया-कलाप, नवाचार, स्वच्छता, कक्षाकक्ष शिक्षण कौशल, विद्यालय प्रबंधन, मध्याह्न भोजन, विद्यालय शिक्षा समिति आदि का गहन अध्ययन किया।

उत्क्रमित मध्य विद्यालय रामनगर बिहार प्रदेश के गोपालगंज जिला अंतर्गत भोरे प्रखंड में अवस्थित है। उत्क्रमित मध्य विद्यालय रामनगर को आदर्श विद्यालय बनाने में महत्वपूर्ण बिन्दु निकल कर सामने आया।

विद्यालय के बरामदे में स्वच्छ भारत अभियान, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, बाल संसद, इज्जत घर की आकृति जैसी पेंटिंग बच्चों को खुशनुमा व आनंदायी भौतिक माहौल तथा परम्परागत शैक्षिक व्यवस्था में नयापन लाने हेतु बनाइ गई है ।


जन्मदिन वाले बच्चों को प्रातःकालीन चेतना-सत्र में सामूहिक रूप से WISH दी जाती है। इसके साथ ही साथ विद्यालय की ओर से उन्हें कॉपी, कलम तथा टॉफी दी जाती है। इससे बच्चों में विद्यालय, शिक्षक तथा सहपाठियों के बीच लगाव व प्रेम का भाव उत्पन्न होता है।
प्रधानाध्यापक अंजनी कुमार द्वारा विद्यालय परिसर मे सभी बच्चों को एक साथ कतारबद्ध बैठा कर भोजन कराने का कौशल काबिले तारीफ़ है ।


बच्चों में कला-कौशल एवं अभिव्यक्ति के विकास एवं विद्यालय में ठहराव सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न प्रकार के गतिविधियां कराई जाती है ।
विद्यालय नही आनेवाले या आकर भाग जानेवाले बच्चों के अभिभावकों को विद्यालय से प्रतिदिन फोन किया जाता है, जिससे सामुदायिक जुड़ाव बढ़ता है।
बाल संसद द्वारा अखबार के मुख्य समाचार का वाचन चेतना सत्र के दौरान प्रतिदिन होता है।


विद्यालय में थीम आधारित उपस्थिति दर्ज कराई जाती है। इसके तहत वर्ग में एक से आठ तक के बच्चे उपस्थिति दर्ज करने के समय शिक्षक द्वारा नाम या रॉल नंबर पुकारे जाने पर उपस्थित श्रीमान या उपस्थित मैडम न बोलकर अलग-अलग फल-फूल, जानवर, पक्षी, राज्य-राजधानी, शारीरिक अंग, देश-राजधानी आदि के नाम बोलते है। इस तरह सुनते-सुनते यह विधागत तथ्य सभी बच्चों को याद हो जाता है तथा उनकी उपस्थिति भी दर्ज हो जाती है। उपस्थिति दर्ज करते समय बच्चे आनंद का अनुभव करते है। जब निर्धारित थीम बच्चों को याद हो जाता है तब उस थीम को बदल दिया जाता है। यह बच्चों का दैनिक उपस्थिति दर्ज करने के दौरान विभिन्न विधागत तथ्यों को याद करने हेतु उपयोगी होता है|
प्रधानाध्यापक श्री अंजनी कुमार सिंह , सहायक शिक्षकों, भी एस एस, पंचायत के मुखिया, समिति व ग्रामीणों के भरपूर सहयोग से विद्यालय मे समय-समय पर पोषण मेला का आयोजन होता रहता है।


प्रधानाध्यापक अंजनी कुमार सिंह का छात्रों से यह लगाव उनकी काबिलियत को दर्शाता है। ऐसे प्रधानाध्यापक को पाकर इस विद्यालय के बच्चे बहुत ही खुश नजर आते है ।

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