कविता- कोरोना हारेगा, मानव जीतेगा..!

ईश्वर की करुणा जागेगी
कोरोना अवश्य ही भागेगी
जीवन पुनः खिलेगी जल्द
मन से उदासी मिटेगी जल्द

नई भोर लिए संकल्प नया
जब अंतर्मन गुदगुदाएगा
चहु ओर उजाला होगी जग में
काली रात व्यतीत हो जाएगा

फिर लोग करेंगे अपने काम
बच्चे जाएंगे शिक्षण संस्थान
हर ओर खुशहाली फिर दिखेगी
बसन्त आएगा गुलशन खिलेगी

लोग झूमेंगे-नाचेंगे-गाएंगे
फिर शादी-विवाह रचाएंगे
विषाणु के चैन को तोड़ेंगे
हर मुश्किल का सिर फोड़ेंगे

कल-कारखाने सबकुछ खुलेंगे
अगर हम घर में कुछदिन रुकेंगे
सब मिलकर जो हम लड़ गए तो
इस संकट में गर हम अड़ गए तो

फिर सारा जहां गुनगुनाएगा
हर ओर मंगल सब पाएगा
कोरोना का अंततः क्षय होगा
हमारा निश्चय ही विजय होगा!!

…✍️प्रिंस राज

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