पठन-पाठन में निजी स्कूलों को चैलेंज दे रहा बिहार के समस्तीपुर का यह सरकारी स्कूल

पूरे बिहार मे है इसकी चर्चा

बिहार के समस्तीपुर जिला मुख्यालय से लगभग 40 किलोमीटर दूर गंगा के दियारा क्षेत्र का नंदनी गांव इन दिनों शिक्षा एक्सप्रेस को लेकर काफी चर्चा में है. दरअसल ये एक्सप्रेस ट्रेन पटरी पर नहीं चलती बल्कि एक विद्यालय के कैंपस तक ही सीमित रह जाती है. इस स्कूल में कक्षा 1 से 8 तक की पढ़ाई होती है.

https://youtu.be/nXKzLXp1MBU

बिहार की बदहाल शिक्षा व्यवस्था की तस्वीर तो आपने जरूर देखी होगी, लेकिन इससे उलट यहां से एक दिलचस्प तस्वीर सामने आई है. समस्तीपुर जिले में एक ऐसा स्कूल है, जहां शिक्षा एक्सप्रेस में बैठाकर बच्चों को शिक्षित किया जा रहा है.

दरअसल, समस्तीपुर जिला मुख्यालय से लगभग 40 किलोमीटर दूर गंगा के दियारा क्षेत्र में नंदनी गांव है. यहां का राजकीयकृत मध्य विद्यालय नंदिनी आजकल काफी चर्चा में है. खासकर यहां की शिक्षा एक्सप्रेस को लेकर दूर-दूर तक चर्चा हो रही है.

https://youtu.be/gvpjiuGkwbQ

इसकी वजह ये है कि स्कूल कैंपस में एक ट्रेन नजर आती है. जिसे शिक्षा एक्सप्रेस का नाम दिया गया है. हालांकि, ये कोई पटरी पर दौड़ने वाली असली ट्रेन नहीं है, बल्कि स्कूलों की दीवारों को ही पेंटिंग के जरिए ट्रेन का अवतार दिया गया है.

कक्षा 1 से लेकर 8 तक के बच्चों को इन ट्रेननुमा क्लासरूम में पढ़ाया जाता है. इसमें एक बोगी के अंदर 3 क्लासरूम की शक्ल दी गई है. इस विद्यालय को आदर्श विद्यालय दर्जा भी प्राप्त है.

समस्तीपुर जिले के मोहिउद्दीन नगर प्रखंड के नंदनी में 1925 ई. में इस स्कूल की स्थापना हुई थी. विद्यालय के प्रधानाध्यापक राम प्रवेश ठाकुर ने भी इसी स्कूल से अपनी शिक्षा दीक्षा पूरी की थी. उन्होंने ही गांव में शिक्षा की अलख जगाने के लिए स्कूल का वातावरण बदलने की ठानी है.

इसके लिए उन्होंने सबसे पहले स्वच्छता पर ध्यान दिया. पर्यावरण की दृष्टि से काम कराए और उसके क्लासरूम को ट्रेन का रूप देकर स्कूल को प्रसिद्ध बना दिया.

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