शिक्षक विरोधी बिहार सरकार की गतिविधियों से यह स्पष्ट हो गया है कि बिहार में अब लोकतांत्रिक सरकार नहीं अपितु तानाशाही फासीवादी सरकार की हुकूमत है :- ब्रजनंदन शर्मा

Patna/08 Sept.2019

शिक्षाक चौपाल प्रतिनिधि

5 सितंबर को मौन वेदना प्रदर्शन के लिए आए बिहार भर के लाखों प्राथमिक से लेकर उच्चतर माध्यमिक तक के शिक्षकों सहित वेदना प्रदर्शन को समर्थन देने आए जाप नेता पूर्व सांसद श्री पप्पू यादव के विरुद्ध सरकार द्वारा किए गए मुकदमे एवं दंडात्मक कार्रवाई की सरकारी पहल जनतांत्रिक मर्यादाओं के विरुद्ध एवं असंवैधानिक
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शिक्षक विरोधी बिहार सरकार की गतिविधियों से यह स्पष्ट हो गया है कि बिहार में अब लोकतांत्रिक सरकार नहीं अपितु तानाशाही फासीवादी सरकार की हुकूमत है:- ब्रजनंदन शर्मा
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बिहार सरकार द्वारा शिक्षकों के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाईयो के विरुद्ध बिहार में कार्यरत प्राथमिक से लेकर उच्चतर माध्यमिक तक के शिक्षक जब तक सारे मुकदमे नहीं हटाए जाते हैं और शिक्षकों के विरुद्ध विभिन्न स्तरों से सरकार द्वारा की जा रही दंडात्मक कार्रवाई का फैसला वापस नहीं लिया जाता है। तब तक विरोध स्वरूप शिक्षकों द्वारा चलाए जाने वाले आंदोलन के कार्यक्रमों की घोषणा यथाशीघ्र संघर्ष समन्वय समिति की बैठक बुलाकर कर दिया जाएगा।

इससे पहले की संघर्ष समन्वय समिति तीव्र आंदोलन के नई नीति की घोषणा करें सरकार को चाहिए कि शिक्षकों के हित में सकारात्मक निर्णय ले नहीं तो राज्य भर में शिक्षकों द्वारा जो आगे आंदोलन चलाया जाएगा उसका कुप्रभाव शिक्षण कार्य पर पड़ेगा जिसकी सारी जिम्मेवारी बिहार सरकार की होगी:- बिहार राज्य शिक्षक संघर्ष समन्वय समिति
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शिक्षक दिवस के दिन 5 सितंबर को पुराने शिक्षकों की तरह वेतनमान सारी सुविधाएं एवं समान सेवा शर्त सहित अपनी सात सूत्री मांगों के समर्थन में बिहार के लाखों शिक्षक पटना के गर्दनीबाग में बिहार राज्य शिक्षक संघर्ष समन्वय समिति के आह्वान पर मौन वेदना प्रदर्शन धरना हेतु आए थे।

उपर्युक्त कार्यक्रम में हिस्सा लेने वाले संघर्ष समन्वय समिति के संयोजक श्री ब्रजनंदन शर्मा वेदना प्रदर्शन को समर्थन देने आए जाप नेता पूर्व सांसद श्री पप्पू यादव सहित 5 लोगों को नामजद एवं 8000 अज्ञात शिक्षकों के विरुद्ध बिहार सरकार ने अपने अधिकारियों के माध्यम से मुकदमा दायर कराया है जिनके विरूद्ध दंडात्मक कार्रवाई की अनुशंसा सरकार द्वारा की गई है।

बिहार राज्य शिक्षक संघर्ष समन्वय समिति के अध्यक्ष सह संयोजक श्री ब्रजनंदन शर्मा श्री मनोज कुमार श्री प्रेम चंद्र श्री मार्कंडेय पाठक श्री आनंद मिश्रा श्री आनंद कौशल सिंह श्री उपेंद्र राय श्री शिवेंद्र पाठक श्री अरुण कुमार क्रांति कुशवाहा श्री नवीन कुमार नवीन श्री नवीन कुमार सिंह श्री पुरण कुमार श्री केशव कुमार श्री नवनीत मिश्रा एवं श्री प्रदीप कुमार राय ने संयुक्त विज्ञप्ति जारी कर विगत 5 सितंबर शिक्षक दिवस के दिन पुराने शिक्षकों की तरह वेतनमान समान सुविधाएं एवं समान सेवा शर्त सहित अपनी सात सूत्री मांगों के समर्थन में पूरे बिहार से मौन वेदना प्रदर्शन करने पटना के गर्दनीबाग स्थित धरना स्थल पर पहुंचे प्राथमिक से लेकर उच्चतर माध्यमिक तक के लाखों शिक्षकों के विरुद्ध मुकदमा एवं सरकार द्वारा विभिन्न तरीके से की जाने वाली दंडात्मक कार्रवाई को अलोकतांत्रिक एवं असंवैधानिक करार दिया है।

बिहार राज्य शिक्षक संघर्ष समन्वय समिति के राज्य संयोजक सह अध्यक्ष श्री ब्रजनंदन शर्मा ने जारी विज्ञप्ति के माध्यम से कहा है कि बिहार में लोकतांत्रिक सरकार नाम की कोई चीज नहीं रह गई है प्रजातंत्र के मुंह पर रोज सरकार द्वारा तमाचे जड़े जा रहे हैं संविधान प्रदत अभिव्यक्ति की आजादी के मौलिक अधिकार का खुला उल्लंघन किया जा रहा है सरकार की उपर्युक्त गतिविधियों से यह प्रतीत होता है कि बिहार में तानाशाही फासीवादी हुकूमत है जिसकी जनतंत्र पर से पूरी तरह आस्था समाप्त हो चुकी है जो राज्य और राष्ट्र दोनों के लिए घातक है।

अब बिहार में फिर से सन् 74 जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई है अपनी मांगों के समर्थन में आंदोलन करने वाले आंदोलनकारियों को लाठी-डंडे आंसू गैस और झूठे मुकदमों में फंसा कर तथा विभिन्न प्रकार के दंडात्मक सरकारी कार्रवाईयों के माध्यम से चाहे वह शिक्षक का हो चाहे कर्मचारियों का चाहे आंगनबाड़ी सेविकाओं का हो चाहे आशा बहनों का सभी के आंदोलन को चाहे वह किसी भी सरकारी नौकरी के संवर्ग से आते हो को कुचलने का कुकृत्य बिहार सरकार कर रही है बिहार में अघोषित इमरजेंसी जैसा वातावरण बना हुआ है जिसकी पुरजोर मुखालफत एवं निंदा बिहार राज्य शिक्षक संघर्ष समन्वय समिति करती है।

उपर्युक्त शिक्षक नेताओं ने जारी अपने संयुक्त बयान में कहा है कि सरकार की इस तानाशाही फासीवादी नीति एवं कार्रवाई से हम डरने वाले नहीं हैं जितना ज्यादा हम लोगों के विरुद्ध सरकारिया जुर्म बढ़ेगा हम उतना ही तीव्र आंदोलन करने को विवश हो जाएंगे।

फिलहाल हम लोग अपने व्यान के माध्यम से सरकार को यह चेतावनी देना चाहते हैं कि मुकदमों को शीघ्र उठाएं एवं किसी भी तरह की दंडात्मक कार्रवाई को यथाशीघ्र रोका जाए नहीं तो आंदोलन अभी चिंगारी के रूप में है।जिसे भड़क कर शोला बनने में देर नहीं लगेगा जिससे बिहार की शिक्षण व्यवस्था पूरी तरह चरमरा जाएगी जिसकी पूरी जिम्मेदारी बिहार सरकार की ही होगी
उपर्युक्त शिक्षक नेताओं ने जारी विज्ञप्ति के माध्यम से कहा है कि जब तक शिक्षकों पर से मुकदमे हटाए नहीं जाते जब तक शिक्षकों के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई करने का आदेश वापस नहीं लिया जाता एवं हमारी मांगों को मानने के प्रति सरकार द्वारा सकारात्मक पहल नहीं किया जाता तब तक सरकार के विरोध में पूरे बिहार के प्राथमिक से लेकर उच्चतर माध्यमिक तक के शिक्षको द्वारा तीव्र आंदोलन चलाया जाएगा उसकी घोषणा यथाशीघ्र संघर्ष समन्वय समिति की बैठक बुलाकर कर दी जाएगी।

इससे पहले की संघर्ष समिति द्वारा आंदोलन की अगली रणनीति की घोषणा की जाए सरकार को चाहिए कि शिक्षकों के मांगों के प्रति सकारात्मक पहल करें और सारे मुकदमों को यथाशीघ्र वापस ले तथा सारे दंडात्मक कार्रवाई के सभी आदेश को वापस ले ले नहीं तो आंदोलन की नई रणनीति बनने के बाद पूरे बिहार की जो शिक्षा व्यवस्था चरमराएगी उसकी सारी जिम्मेदारी बिहार सरकार की होगी।

इस आशय की सूचना बिहार राज्य शिक्षक संघर्ष समन्वय समिति की ओर से विज्ञप्ति जारी कर संघर्ष समन्वय समिति के राज्य संयोजक सह अध्यक्ष श्री ब्रजनंदन शर्मा ने मीडिया को दी।

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