हमारे बारे में

शिक्षक चौपाल वैसे लोगों का मंच है जो शिक्षक संघ-संगठन से ऊपर उठकर शिक्षक एकता, छात्रों के सर्वांगीण विकास, नैतिकता, सामाजिक एकता, पर्यावरण प्रेम, गुणवत्तापूर्ण शिक्षण, नवाचार और अन्य सामाजिक कार्यों में रुचि रखते हैं।

वैसे तो शिक्षक चौपाल का प्रादुर्भाव सभी संघों को राज्यस्तरीय आंदोलनों के लिए एक मंच पर लाना था, जिससे हमारी शक्ति एक जगह केंद्रित रहे और सरकार को हमारी एकता का एहसास हो और इसी विचारधारा से जुड़े 60-65 साथी एकजुट होने का निर्णय लिया और एक नेक उद्देश्य को लेकर 21 जनवरी 2017 को पटना के ऐतिहासिक गाँधी मैदान में सोशल मीडिया के सक्रिय शिक्षक साथियों के आह्वान पर एक बैठक आयोजित की गई थी,जो सफल रही।

इस बैठक में पूरे प्रदेश के विभिन्न जिलों से, विभिन्न संगठन के  शिक्षक साथी आये। यहीं पर इस बैठक का नाम सर्वसम्मति से  “शिक्षक चौपाल” रखा गया| इन सभी शिक्षक साथियों का एक ही उद्देश्य था “शिक्षक एकता”! इस बैठक में निर्णय लिया गया कि स्वतंत्र विचारधारा से जुड़े ज्यादा-से-ज्यादा शिक्षकों को जोड़ा जाए, ताकि सभी संघों को एक मंच पर लाने में सहूलियत हो सके और इस तरीके से विभिन्न संघों का विरोध भी झेलना पड़ा। फिर भी शिक्षक चौपाल के साथियों के हौसले कमज़ोर नहीं हुए और इसके बाद मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर, दरभंगा, मधुबनी, गोपालगंज, सिवान, पटना, औरंगाबाद, भोजपुर,किशनगंज जिलों आदि के अलावे राज्य के बाहर कुशीनगर और दिल्ली में शिक्षक चौपाल की कई बैठकें आयोजित की गई।

समय के साथ-साथ कई नए साथी इसके शिक्षक हितैषी कार्यों से प्रभावित होकर जुड़ते गए। और इन सब में सबसे महत्वपूर्ण था सोशल मीडिया पर लगातार शिक्षक चौपाल के साथी एकजुट होते जा रहे थे।

सभी संघों को एक मंच पर लाने हेतु सभी संघ प्रमुखों से संपर्क स्थापित करने की कोशिश की गई, फिर सभी प्रमुख संघों को उनके कार्यालय के पते पर आम शिक्षकों की भावनाओं से अवगत कराने हेतु रजिस्टर्ड पत्र भी भेजा गया। किन्तु किसी ने संज्ञान नहीं लिया गया। इस बीच चौपाली साथियों द्वारा शिक्षक एकता के अलावे…

  • बाढ़ राहत,
  • रक्त दान,
  • पौधारोपण जैसे अन्य सामाजिक सरोकार के कार्यों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया गया।

लगातार शिक्षक चौपाल के प्रयास के बाद 07 नवंबर को SWSP के मुख्य याचिकाकर्ता श्री उपेन्द्र राय के नेतृत्व में बहुत ही अहम बैठक हुई थी, जहाँ पर निर्णय लिया गया कि 12 नवंबर को सभी संघ के प्रदेश अध्यक्षों और सचिवों की बैठक की जाएगी जिसमें लगभग 23 संगठन सम्मिलित हुए। इस तरह से एकता का संदेश पूरे बिहार में फैल गया। पुनः 22 नवम्बर, 2017 को भी महत्वपूर्ण बैठक सम्पन्न हुआ। जिसके डर से सरकार SLP दायर करने के लिए भेजे गए पदाधिकारी को बुलाने पर मजबूर हुई। यह सब चौपाली विचारधारा के सोच वाले साथियों के कारण ही हो सका।

इस तरह से शिक्षक चौपाल ने शिक्षक हित में बेहतरीन प्रयास किया, जिसे नियोजित शिक्षकों के इतिहास में हमेशा याद किया जाएगा।

इसी दिन सभी संघों ने एकमत होकर 29 नवम्बर, 2017 को पटना में संयुक्त आंदोलन की रूपरेखा तय की थी। किन्तु दुर्भाग्य यह रहा कि कुछ संघों के अहम और वहम के कारण पुनः एकता को छिन्न भिन्न कर दिया गया, जो कि शिक्षक इतिहास में काला अध्याय के रूप में जाना जाएगा।

कुछेक संगठनों को छोड़कर कई बड़े संगठनों ने HC की अवमानना का बहाना बनाकर इस आंदोलन से किनारा कर लिया। फिर भी आम शिक्षकों ने संघीय भावना से ऊपर उठकर इस आंदोलन में भाग लिया। लेकिन, दुर्भाग्यवश संघों की आपसी खींचतान और अनेकता देखकर बिहार सरकार ने पुनः अपने पदाधिकारियों को भेज कर SLP दायर कर ही दिया।

चौपाल ने पटना उच्च न्यायालय के SWSP केस के जीत के नायक उपेंद्र राय जी को हाथों हाथ लिया और सुप्रीम कोर्ट में उन्हें प्रमोट किया। शिक्षक चौपाल एक अनवरत चलनेवाली विचारधारा/प्रकाशपुंज है, जो कभी खत्म नहीं हो सकती।

दोस्तों! अंत में इतना ही कहना है कि “शिक्षक चौपाल” हमेशा से शिक्षक एकता, शिक्षकों को जागरूक करना, सभी संघों को समान उद्देश्यों के लिए एक मंच से आंदोलन करना, बाल संस्कारशाला, नारी चेतना आदि के लिए प्रयासरत रहा है, और आगे भी रहेगा, पर इसके अलावे भी शिक्षा/शिक्षकों से सम्बन्धित कार्य, नवाचार, सामाजिक कार्य करता रहेगा।

उपरोक्त सभी सूचनाओं को सुगमता पूर्वक समाज में पहुँचाया जा सके इसी ख्याल से इस वेबसाइट का निर्माण किया गया है। यहाँ से हम विभिन्न संघों  की कार्यशैली से अवगत होते रहेंगे। साथ-ही-साथ इससे जुड़े चैनल/न्यूज/वेबसाइट/फेसबुक पेज/ब्लॉग का मकसद आपको तरह-तरह की जानकारियों से अवगत कराते रहना और विभिन्न विभागीय सूचनाओं को प्रेषित करते रहना है। इस कार्य में आप सभी का सहयोग अपेक्षित है। आप अपना प्यार औऱ सहयोग हमारे वेवसाईट पर बनाये रखें।

धन्यवाद!
शिक्षक चौपाल टीम…