कविता रचनाएँ

रख भरोसा खुद पे….

रख भरोसा खुद पे….
तुझे तेरा खुदा, तेरे हिस्से का हक फरमाएगा ।
कोशिश कर बदलेगी किस्मत की रेखाएं भी
तेरे हिस्से का चलकर खुद,तेरे हिस्से में आ जाएगा।।
रख भरोसा खुद पे….
तुझे तेरा खुदा, तेरे हिस्से का हक फरमाएगा ।

आज नहीं तो कल
तेरी बदनसीबी बेबसी का सूरज भी ढल जाएगा ।
होंगे उजाले तेरी किस्मत के भी
अंधेरा तेरी किस्मत का ,तेरी मेहनत से हीं जाएगा।।
रख भरोसा खुद पे….
तुझे तेरा खुदा, तेरे हिस्से का हक फरमाएगा ।

चला हैं अकेला तु, मंजिलो की ओर
कारवां तेरे सफर का बढ़ता हीं चला जाएगा।
बनेगी आवाज तेरी आवाम की आवाज
जब तु अकेला सबके हक की बात उठाएगा।।
रख भरोसा खुद पे….
तुझे तेरा खुदा, तेरे हिस्से का हक फरमाएगा ।

रख अहमियत खुद की
खुद के वजूद से खुद की बदनसीबी तु हराएगा।
होगा हर दिल अजीज तु
जब ओरो का दर्द बाटकर तु,अपना दर्द बनाएगा।।
रख भरोसा खुद पे
तुझे तेरा खुदा, तेरे हिस्से का हक फरमाएगा ।।।।

नंद किशोर सिंह

नंद किशोर सिंह, भोजपुर, आरा, बिहार

 

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