Selfie With Tree अच्छी बातें कविता रचनाएँ

ये कैसा विकास है?!?!?!

********** $ $ *********

मानव घमंड में हो गया चूर…!
कर रहा, प्रकृति को अपने से दूर..!
ये कैसा क्रूर मजाक है।
प्रकृति से छेड़छाड़ करके,
कहता है– कर रहे हम विकास!!

प्रकृति ने किया सवाल–
कर रहे हो तुम कौन सा विकास??

विकास के नाम पर…
पेड़ो को काट मचा रहे हो कोहराम।
जहाँ न पेड़ों की है जान और न ही प्राण!
फिर क्यों फैला रहे हो,
झूठी आन, बान, और शान।

विकास के नाम पर…
कर रहे हो पेड़ो का कत्लेआम,
मेरे साथ छीन रहे औरों का भी प्राण!!!
अब तुम ही बताओ कहाँ से लाओगे,
पेड़ो पर रहने वाले जीवों का मकान??

पेड़ो को काट कंक्रीटों का शहर,
बना रहे हो तुम दिन रात।
पर ये मत भूलों !
जब प्रकृति लेगी बदला तब
बचा नहीं पाओगे अपनी जान,
हो जाएगा ये शहर वीरान।

आज हमारी बारी है, कल तुम्हारी होगी !
अपनी कीमत और औकात बताएंगे।
कहाँ से लाओगे ऑक्सीजन?
आज हमारी लाश क्षत-विक्षत है,
स्वच्छ ‘समीर’ के बिना
यह धरती बन जाएगी शमशान!

#संजीव_समीर….✍️

#संरक्षक- #सेल्फी_विथ_ट्री
शिक्षक चौपाल:#उम्मीदकीमशाल
#SayNoDowry

Related posts

डरता क्यूं है!

cradmin

दिखाई नही देता

cradmin

आम्रपाली का पौधा देकर प्रख्यात कृषि वैज्ञानिक डॉ0 सुनीता कुशवाहा का किया स्वागत

cradmin

Leave a Comment