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बिहार पंचायत नगर प्रारंभिक शिक्षक संघ (मूल) समस्तीपुर का वॉइस कॉन्फ्रेंस के जरिये जिला कमिटि की समीक्षात्मक बैठक सम्पन्न।

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समस्तीपुर/चौपालसंवाद/दिनांक-30-04-2020/

5 मई को राजभवन मार्च करने से रोका गया तो शिक्षक सड़क पर उतर करेंगे उग्र आंदोलन-कुमार रजनीश (जिलाध्यक्ष)

मरता क्या नहीं करता।सरकार की कुम्भकर्णी निद्रा तोड़ने को विवश शिक्षक जेल भरो अभियान की करेंगे शुरुआत-रामनाथ कुमार (जिला महासचिव)

6 मई को जिला कमिटि द्वारा लिए जाएंगे शिक्षक हित में अहम व निर्णायक निर्णय-नंदकिशोर यादव (जिला संरक्षक)

आज दिनांक 30.04.20 को बिहार पंचायत नगर प्रारंभिक शिक्षक संघ मूल जिला कमिटि की बैठक जिलाध्यक्ष कुमार रजनीश व जिला महासचिव रामनाथ कुमार के अगुवाई में वॉइस कॉन्फ्रेंस के जरिये सम्पन्न की गई। जिसमें बिहार राज्य शिक्षक संघर्ष समन्वय समिति के आह्‍वान पर 17 फरवरी से चले आ रहे अनिश्चितकालीन हड़ताल पर सभी प्रखंड प्रतिनिधियों से विचार-विमर्श किया गया। वैश्विक महामारी कोरोना वाइरस और लॉक डाउन से ऊपजी स्तिथि के बीच फँसे हड़ताल की गम्भीरता पूर्वक समीक्षा की गई।

रामनाथ कुमार
रामनाथ कुमार

जिलाध्यक्ष कुमार रजनीश ने कहा कि सरकार के गलत मंसूबों को कामयाब नहीं होने देंगे।सरकार के इशारे पर पदाधिकारी सहित कुछ कार्यालय प्रेमियों द्वारा गलत-सलत रिपोर्ट किया जा रहा है।शिक्षकों के बीच ऊहापोह की स्तिथि उत्पन्न करने की नीति के तहत जानबूझकर आंकड़ों में हेराफेरी कर ज्यादा दिखाया जाता है।ताकि शिक्षकों का मनोबल टूट जाय और वो हड़ताल से वापस हो जाएं।परन्तु प्रखंडों से प्राप्त जानकारी के अनुसार ये सिद्ध होती है कि अभी भी 90 प्रतिशत से ऊपर शिक्षक हड़ताल में अनवरत डटे हुए हुए हैं,साथ ही अपनी 7 सूत्री मांगों के समर्थन में सरकार से सफल वार्ता होने तक हड़ताल जारी रहेगा।वैश्विक महामारी कोरोना में लगभग 70 शिक्षकों से ऊपर की जानें जा चुकी है।हड़ताल के दौरान प्रतिदिन हमलोग एक शिक्षकों को खोते जा रहे हैं।परंतु ये सरकार संवेदना प्रकट करने के स्थान पर उल्टे कहती है कि मुझे मृत शिक्षकों से कोई लेना-देना नहीं।क्या यही कर्तव्य होता है..एक मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री का..?क्या शिक्षक बिहार के नागरिक नहीं हैं?

इस सरकार की हठधर्मिता और फिरंगी सोच को शिक्षक समुदाय हमेशा याद रखेंगे।समय बड़ा बलवान होता है।बदलाव प्रकृति का अटल नियम है।उसी प्रकार हर निरंकुश सरकार का अंत भी होता है।भूख की चिंगारी जब धधकती है तो सामने वालों का सर्वस्य जलाकर राख कर देती है।अब तो बस उस वक्त का बेसब्री से इंतजार मात्र है।सरकार को खुली चेतावनी दी जाती है कि अगर 4 मई तक सफल वार्ता नहीं करती तो 5 मई को लाखों शिक्षक राजभवन मार्च करने को विवश होंगे।जिसकी सारी जबाबदेही सरकार की होगी।अगर लॉक डाउन में बढ़ोतरी भी होगी तो भी शिक्षकों को सड़क पर उतरने से कोई ताकत रोक नहीं पाएगी।मरता क्या नहीं करता।

जिला महासचिव रामनाथ कुमार ने संबोधन में कहा कि इस वैश्विक महामारी का सबसे बड़ा दंश तो हमारे शिक्षक झेल रहे हैं।जो हर दमनात्मक कार्यवाई को सहजता से झेलते हुए,अपनी संवैधानिक लड़ाई लड़ने के साथ-साथ जो वार्ड स्तर तक जाकर कोरोना जागरूकता अभियान चलाया।उसी के फलस्वरूप कोरोना फैलने से रोकने में कामयाबी मिली है।पर इस अंधी,गूंगी और बहरी सरकार को दिखाई दे तब न।धनानंद की तरह इसका सर्वनाश भी सुनिश्चित है।दिवंगत शिक्षकों के परिवार की आह लगना तय है।अब सरकार के सामने खुद सबसे बड़ी चुनौती खड़ी है।लाखों अप्रवासी मजदूरों और अध्यनरत छात्रों के घर वापसी पर उनकी देखभाल करने के लिए बड़े मानव बल की आवश्यकता है।इसलिए बार-बार प्रलोभन भरा पत्र जारी कर रही है।इससे बिना घबराते हुए हमलोगों को साहस व धैर्य का परिचय देते हुए हड़ताल को जारी रखना है।मजबूरन सरकार वार्ता करने को विवश होगी।हमलोग जीत के लक्ष्य के बिल्कुल समीप हैं।

आज की बैठक में जिलासंरक्षक नंद किशोर यादव,जिला कोषाध्यक्ष मो0 अब्बास,उपाध्यक्ष वृजराज सिंह,महेश प्रसाद यादव,रामबालक राय, संयुक्त सचिव संजय कुमार झा,रेणु कुमारी ज्योति,प्रखंड प्रतिनिधि शशिबाला कुमारी, मदन पासवान,विक्रम चौधरी,उमेश चौधरी,अवधेश कुमार,विकेश कुमार सिंह,पारसनाथ महाराज,बिनोद कुमार राय,चंद्रभूषण शर्मा,अवनीश कुमार,संतोष कुमार राय,विश्वनाथ यादव,गंगा प्रसाद यादव,नवीन कुमार ,राकेश कुमार रंजन,राजेश्वर पासवान,शम्भू कुमार सहनी, संजीत कुमार सहनी, संजय कुमार जितवारपुरी,पवन कुमार,लालबाबू कुमार,एकनाथ पोद्‍दार,मनोज कुमार,नीतिश कुमार,संजीत कुमार अद्‍वितीय आदि ने संबोधित करते हुए प्रस्तावित 5 मई राजभवन मार्च को सफल बनाने का आह्वान किया।साथ ही सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि अगर परिस्तिथि विपरीत रही और राज्य समन्वय समिति आंदोलन हित में कोई आवश्यक निर्णय नहीं लेती तो जिला कमिटि स्वतः 6 मई को शिक्षक हित में अहम व निर्णायक निर्णय लेने को बाध्य होगी।अंत में बिथान प्रखंड के दिवंगत शिक्षक रामानंद यादव के मृत आत्मा के शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की गई।सभी शिक्षकों ने हठकमी॔ सरकार प्रति काफी आक्रोश व निंदा प्रकट किया ।

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